बुधवार, 19 दिसंबर 2018

जरा अब मान जाओ

-------गीत-----------

करना हमको तुमसे प्यार...
तुम्हीं हो मेरी दिलबर यार,
                            जरा अब मान जाओ-2
@@@@@@@@@@@@
कहा जाओगी सुन मेरी ज़ान,
ये दुनिया हो गई है बेईमान।
लगी तुम्हें उमर है अठरा बरस की,
बिजुरिया गिरेगी गरज गरज की।
आ अपनी प्यार का कर इजहार....
तुम्हीं हो मेरी दिलबर यार,
                            जरा अब मान जाओ-2
######################                  
जो चलती हिरनी की है चाल,
झुलाके काली नागन  बाल।
है ज़ालिम नैन तेरे कजरारे,
करेजवा को चीर कटार है मारे।
कि लग गई इश्क़ की मुझको बुख़ार..
तुम्हीं हो मेरी दिलबर यार,
                            जरा अब मान जाओ-2
********************************
बसे मेरे होंठो पे तेरा ही नाम,
नजर मे रहती सुबह से शाम।
सपना सकार  हो  जाने दे.,
लक्ष्मी पग घर को जाने दे।
कि साँवरिया न कर रे इनकार.....
तुम्हीं हो मेरी दिलबर यार,
                            जरा अब मान जाओ-2
$$$$$$$$$$$$$$$$$$$$
        पवन नेताम 'श्रीबासु'
सिल्हाटी, कबीरधाम (छग)
      संपर्क- 9098766347

मंगलवार, 18 दिसंबर 2018

सरकार बदल गई

11 दिसंबर 2018 चुनाव घोषणा, लगातार
15 वर्षों तक भाजपा की सरकार के बाद
काग्रेंस सरकार बनने साथ ही जब शराब
की ठेका भाजपा सरकार चला रही थी तब
शराब ने क्या किया इस पर एक व्यंग रचना..
--------------------–
शराब पीने से इंसान बदल जाता था।
शराबी घर का महौल बदल जाता था।
पर आज शराब ने नया ट्रैक पकड़ा है।
अपनी व्यापार से सरकार को बदला है।

योजना बनेगी अब नई सरकार का तगड़ा।
चल रही योजनाओं मे  होगा अब लफड़ा।
जनता को पड़ी है नौकरी,बोनस,व्यापार की।
मुफ्त मे मिल जाये सब, ऐसे सरकार की।

जागरूक जनता है अब बर्बाद नही होगा।
एक ही सरकार का  अब राज  नही होगा।
देखते है राम मंदिर बनाने मे कितना जोर होगा।
वर्षों से चल रही है  फैसले का  क्या तोड़ होगा।

                  पवन नेताम 'श्रीबासु'
     सिल्हाटी, स/लोहारा, कबीरधाम
@ यह रचना किसी पार्टी विशेष पर नही है
अन्यथा न लेवें।

शक्ति के रूप हे नारी

शक्ति के रूप हे नारी।
आथे हर जुग ले अवतारी।।

(1) शक्ति के वंशज अस तै,सत के विजय अस तै,स्व शक्ति ल अब तै जगा।
नारी शक्ति के आगे, परबत थर थर कापे,डर भय ल अब तोर भगा।
लड़की-लोहा पिघला मै देहू,छिन मे गला मै देहू,बादर छूवत परबत ल,तोड़ के झूका मै देहू।

(2) हौसला के डार पकड़के,बाधा मन ले लड़ झगड़के,जीत के तै जोति जला।
अब नारी के शक्ति देखादे, बैरी ल फासी चढ़ादे,देश के टार हर बला।
लड़की- बादर ले टोर लाहू, तारा ल बटोर लाहू, माँ भारती के चरन म, फूलवा कस बिखेर जाहूं।

                       पवन नेताम 'श्रीबासु'
     सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम(छग)
                    संपर्क-9098766347
               रचना दिनांक- 12/12/2018

बेटी बचाओ

             -–------गीत----------
बेटी खुशियों की होती छांव..भैया बेटी बचाओ
बेटी बचाओ भैया बेटी बचाओ-2  बेटी अंगना....

बेटी के बिना जग अंधियारा, सूना होगा ये जग सारा।
गर बेटे को तुम चाहते हो, बेटी को तो क्यों मारते हो।
बिना बेटी के बेटा कहा पाओ,

देखोगे सूनी कलाई, बिन बहना के राखी न भाई।
बेटा कलप कलप रोएगा, रक्षाबंधन मे न सोएगा।
तीजा-पोला को कैसे मनाओ,

बन गये कही कन्यादानी, नाम तुम्हारे सद्ग्रन्थ बखानी।
नवरात मे किसको जिमाओगे, नवकन्या ढूंढ न पाओगे।
चाहिए लक्ष्मी तो बेटी घर लाओ...

                पवन नेताम 'श्रीबासु'
सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम(छग)