गुरुवार, 2 अप्रैल 2020

फाग- अब की होरी पधारो श्याम

अब की होरी पधारो श्याम,
   मोरे बरसाने मे ठाड़ो श्याम।।
  भेजूं चिठिया मै वृंदावन धाम-2
   अब की होरी पधारो श्याम।
                    (1)
बाल सखा मिल सब आस लगाये।
कुंवर कन्हैया को इस होरी मे बुलाये।
  विनती हमारी सुन लो सुखधाम-2
     अब की होरी पधारो श्याम।
                 (2)
मूरख जिवरा अब तुम्हारी है प्यासी।
तिल तिल उमरिया के होई विनाशी।
 रंगा दो कन्हैया जी रंग घनश्याम-2
     अब की होरी पधारो श्याम।
                    (3)
   आवन परय जब संकट धेनु पर।
     जनम धरे तुम यादव कुल पर।
       गौ माता सम तारो श्याम-2
      अब की होरी पधारो श्याम।

           पवन नेताम 'श्रीबासु'
       सिल्हाटी,कबीरधाम (छ.ग.
सूर साहित्य समिति कबीरधाम(छ.ग.)
आप सभी को होली की अशेष शुभकामनाएं...
07/03/2020

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