शनिवार, 9 मार्च 2019

बोर्ड परीक्षार्थी पर..

ज़िंदगी से ज़रूरी कुछ नहीं है...हर बार, हर मंच,हर दोस्तों से,हर अनजान युवाओ से,हर जगह पर यह बात कहता रहा हूँ.. स्कूली बच्चों की बोर्ड परीक्षाएँ चल  रही हैं , और कुछ दिनों में कालेज की परीक्षाएं भी चालू हो जायेगी,अपने अधूरे, बेवक्त बुझे सपनों की लाशें अपने बच्चों की मासूम, अधखुली पलकों पर मत लादिए ! मैं ख़ुद ज़िंदगी के करीबी व अपेक्षाधारी लोगो की उम्मींदो पर कई बार फ़ेल हुआ हूँ और हर बार की असफलता ने मुझे पहले से बहुत बेहतर बनाया है ! बेहद बुद्धजीवी प्राणी निजी सोच सिकुड़ा जीवन की असफलता ने लोकप्रिय और कुछ के विश्वासघात से मिली (तथाकथित) असफलता ने जागरूक नागरिक बनाया ! TV9 भारतवर्ष द्वारा निर्मित और विनोद कापडी द्वारा निर्देशित इस शानदार शार्ट फ़िल्म को हम सब ज़रूर देखें और हर परिवार तक ज़रूर पहुँचाए ! याद रखिए...एक मराठी प्रोफेसर का लड़का 10वीं में फ़ैल होना स्वीकार करता है लेकिन भरी दुपरहि हाथो पर गेंद और बल्ला लेता है चौका और छक्का मारने की प्रेक्टिस करता है एक दिन पूरी दुनिया उसे सर सचिन तेंदुलकर क्रिकेट का भगवान कहती है,एक आठवी फ़ैल बाबा रामदेव हरियाणा से निकल प्राकृतिक रोग निदान की प्रक्रिया को सिखता और सिखाता है स्वदेशी का प्रचार माध्यम् बनता है, योग को ब्रांड बनाता है और बिना MBA किये एक बेहतर आर्थिक प्रबन्ध तन्त्र की कला सिख जाता है,और विदेशी कम्पनी की सबसे बड़ा प्रतिद्वन्दी बन जाता है..,.किसी चेहरे से मुहब्बत हो जाए तो एक साधारण सा, असफल विज्ञान-विद्यार्थी “कुमार विश्वास” बन साहित्य का ब्रांड बन सकता है और अपने काम से मुहब्बत हो जाए तो एक साधारण मल्लाह का बेटा नाव चलाता है और जितने देर लोग रामेश्वर की मन्दिर में श्रद्धालु दर्शन करते है हाथो में फिजिक्स की किताब ले पढाई करता है और एक दिन “डॉ एपीजे अब्दुल कलाम” बन जाता है !उदाहरण और भी है मेरे पास..  जीते रहिए...ज़िंदा रहिए 😊🙏
*किसी विषय में अल्पज्ञ होना या फ़ैल हो जाना आपकी कमजोरी के लक्षण बिलकुल नही है,*
मेरे प्रिय युवा साथियो आप ऐसा काम मत करना जो फ़ैल हो जाने या उम्मीद से कम परिणाम आने पर कुछ भाई बहन अंतर दुःखी हो आत्महत्या कर लेते जिंदगी बहुत बड़ी है और आपको प्यार करने वालो की कोई कमी नही है.......
*abhishek pandey*

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