शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

गणेश वंदना

देह तोर देव बदना, हाथी सिर हे न्यारी-2
गणपति महराज, तोर महिमा हे भारी-4

(1) संकट म देवता ह तोला पुकारे,
        बिगड़े कारज ल फेर तै सवारे।
~    फेर तै सवारे जी फेर तै सवारे..बिगड़े...
-     तैतिस कोटि देवता के तै हा जी स्वामी..
         कलजुग म घलो पुजय नर नारी,
         गणपति महराज, तोर महिमा हे भारी

(2) गौरी के ललना, माता के दुलारे,
         दाई के आज्ञाकारी, बने रखवारे।
~     बने रखवारे जी बने रखवारे.. दाई...
-     आगे ददा भोले क्रोधी तन धारी...
         नइ माने बाते त्रिशूल गला दे कटारी,
         गणपति महराज, तोर महिमा हे भारी

                        पवन नेताम 'श्रीबासु'
    सिल्हाटी, स/लोहारा, कबीरधाम(छ.ग.)

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