देह तोर देव बदना, हाथी सिर हे न्यारी-2
गणपति महराज, तोर महिमा हे भारी-4
(1) संकट म देवता ह तोला पुकारे,
बिगड़े कारज ल फेर तै सवारे।
~ फेर तै सवारे जी फेर तै सवारे..बिगड़े...
- तैतिस कोटि देवता के तै हा जी स्वामी..
कलजुग म घलो पुजय नर नारी,
गणपति महराज, तोर महिमा हे भारी
(2) गौरी के ललना, माता के दुलारे,
दाई के आज्ञाकारी, बने रखवारे।
~ बने रखवारे जी बने रखवारे.. दाई...
- आगे ददा भोले क्रोधी तन धारी...
नइ माने बाते त्रिशूल गला दे कटारी,
गणपति महराज, तोर महिमा हे भारी
पवन नेताम 'श्रीबासु'
सिल्हाटी, स/लोहारा, कबीरधाम(छ.ग.)
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