शुक्रवार, 28 सितंबर 2018

शराबी यार मेरे..

यार मेरेsssयार मेरे, मेरे जाने से पहले-2
भरके पैग पिला देनाsssयार मेरे मेरे जाने..
-भोले जी के चरणो मे पहुंचू-2
नशे मे मुझे दफना देना..यार मेरे...

- नागिन धुन -
(नागिन धुन से मोर गांव के घटना याद आथे,गणेश विसर्जन म नागिन धुन म ऊही आदमी नाचथे जेन पिये रहिथे।हा..नागिन धुन बजत देरी हे तहा ले देख सपेरा मनके भीड़ ल, ऊमन ल का हे धुन तो केसियो वाले ल बजाना हे।अतका झन रूमाल धरके बीन बजाही कि नागिन कन्फ्यूज हो जथे कोन ल चाबव कोन ल बचावव।
मोर गांव म एक नागिन अऊ 10-12सपेरा नागिन उठबे न करे सिर्फ घुंडये। मै कान मेर जाके पुछेव नागिन तै कोनो ल काटबे के नही कि घुलंडते रहिबे। त ओ काहये 10-12 झन सपेरा हे एती के मन काटहू त ओती के मन कान म बीन ल टेकाही अऊ ओती...तेखर ले मोलि घुंडन दे। मै कहेव नांगमणी ल तोर हाथ म लाके धरा दव का।)

तो नशा म मोला दफनान काबर पी के जाहू ऊपर त मोला कोनो देवता नई राखय (भूत परेत चुड़ैल)सिवाय भोले के अनाथो के नाथ। कैलाश ही काबर जाबे काबर कि ऊहा मरे के बाद भी पिये ल मिलते राहय)

-भोले जी के चरणो मे पहुंचू-2
नशे मे मुझे दफना देना..यार मेरे...

(1) शराब की खुश्बू निकले जनाजा-2
      एक एक पैग बटवा देना.. यार...
(शांति करे बर आखिरी म उड़िद दाल अऊ घी डालथे त मोर म का डालहू, चखना अऊ दारू ल फेट के मुड़ी डाहर डालना मुड़ी डाहर। पच लकड़ियां डालथे न छेना काये करहू छेना ल यार काये करहूँ ओखर बदला दारू ल ओ हूम देथे नही वईसने चार चार बूंद...)

(2) गंगा जल नही सिर्फ शराब से-2
         रगड़ रगड़ नहवा देना...यार..
( मै कहेव कि तोर खाये बर मतलब काही बर तरसत मत करके खाये पिये बर एक थारी एक गिलास रख देहूं। नही तोला का लगथे मरे के बाद मै खाहूँ अहा! एक बोतल नं.1 के अऊ दू डिस्पोजल एक चखना काफी हे यार। मै - बोतल एक चखना एक पर डिस्पोजल काबर दू! त ओ कहिथे हमन एक झन कहा पिथन कम से कम तो दू झन पिथन काबर हमन पक्का भाईचारा के भावना रखथन।

2) गंगा जल नही सिर्फ शराब से-2
      रगड़ रगड़ नहवा देना...यार मेरे...

                         पवन नेताम'श्रीबासु'
        सिल्हाटी, स/लोहारा,कबीरधाम(छ.ग.)

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