बेवफाई कर के वो कफन दे गई,
जीते जी वो तो दफन दे गई।।
दौलत ने बदल दी फितरत को,
वो बेदर्दी गम का वजन दे गई।
सिला महोब्बत का मिला ऐसा,
दर्द से तड़पता हुआ मन दे गई।
लोग कहते है बदल लो चाहत को,
क्या बदले वो इतना तपन दे गई।
सिलसिला प्यार का खत्म नही।
आशिकी का इतना लगन दे गई।
वो खुश है बहुत यार बदलकर,
इधर वो आंसुओ का धन दे गई।
खबर उसको मौत का क्या बताएं,
चोंट उसका मौत सा असर दे गई।
जी रहे है वो अब भी बड़े शान से,
इधर रुकता हुआ धड़कन दे गई।
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