बुधवार, 23 नवंबर 2016

मुक्तक

मासूमियत तुझमे है कान्हा, पर तू इतना मासूम भी नहीं, की मैं तेरे कब्जे में हूँ और तुझे
मालूम भी नही !

😭😭😭😭😭😭😭😭😭
बस मेरे प्यार की यही कहानी है………
मैंने उसे अपना सब कुछ दे दिया था दिल लगाने के बाद
मैंने अपना सब कुछ खो दिया उसके जाने के बाद.......
😭😭😭😭🙏🏼🙏🏼🙏🏼😭😭

👁👁तेरी नजरो की तीर सीधे दिल को छू जाती है....
फिर
कभी तू नजर आती है तो कभी तेरी याद सताती है....😍😍

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें