बड सुघ्घर लागथे मोला,ये मौसम के पाताल चटनी
सिल के पिसौनी म हरा धनिया,कच्चा मिरचा के मतनी
बासी सन खवाय,मोला अडबड सुहाय
अंगाकर रोटी सन डोकी दाई ह जमाय
पाताल चटनी के अउ बतावव कतक किस्सा
डोकरा बबा घलो काहय,बचा दे एक कनि हिस्सा
बड सुघ्घर लागथे मोला ये मौसम के पाताल चटनी
बासी सन झडकबे बेटा,मोर दाइ के हवे कहनी..............
अश्वनी सिन्हा (कवि)
परसोदा
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