बुधवार, 23 नवंबर 2016

वाह रे पताल

वाह रे पताल
वाह रे पताल  तेंहा , दिखथच लाल लाल |
गुलाबी चेहरा वाली , गोरी जइसे गाल |

लाल हे पताल तेकर , लाल लाल चानी |
तोर देखे ले मुंह मा , आ जाथे पानी |

तोरे मा भरे हे , बिटामीन भरपूर |
खून के कमी ला ,भगाथच तैंहर दूर |

चटनी ला तोर देख के , मुंह मा पानी आथे |
तोर चटनी मा कतको बासी , गपागप खवाथे |

धनिया अउ मिरचा संग , अबड़ तैं मिठाथच |
लहसुन ला डार देबे , तांह ले बोंबियाथच |

सिलबट्टा के चटनी अउ ,चाउंर के चीला |
गरम गरम खा ले , सबो माई पीला |

अइसन हे गुण , तोर गरीब हे मितान |
बासी संग बिहनिया ले , खाथे किसान |

20-11-16  गजनंद साहू तिल्दा (असौंदा)

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